वाराणसी। रेलवे के सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत देने की दिशा में सोमवार को डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र अभियान (डीएलसी 5.0) के तहत एक कार्यशाला आयोजित की गई। न्यू लोको कॉलोनी स्थित इन्द्रप्रस्थ सामुदायिक हॉल में हुए इस आयोजन की अध्यक्षता मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) आशीष जैन ने की।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए डीआरएम ने कहा कि डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र की सुविधा से पेंशनरों को अब बैंक के चक्कर काटने और लंबी कतारों में खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मोबाइल ऐप की मदद से वे घर बैठे ही अपना जीवन प्रमाण-पत्र जमा कर सकेंगे।

कार्यक्रम में रेलवे के कार्मिक विभाग की ओर से वीडियो और प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रमाण-पत्र बनाने की पूरी प्रक्रिया समझाई गई। पेंशनरों को बताया गया कि वे 'जीवन प्रमाण' ऐप के जरिए आधार कार्ड की सहायता से चेहरे की पहचान (फेस रिकग्निशन) या बायोमेट्रिक सत्यापन कर अपना डिजिटल प्रमाण-पत्र तैयार कर सकते हैं।

अधिकारियों ने बताया कि प्रमाण-पत्र बनते ही वह स्वतः संबंधित बैंक और पेंशन जारी करने वाली एजेंसी तक पहुंच जाएगा, जिससे अलग से कोई कागजी कार्रवाई नहीं करनी पड़ेगी। डीआरएम ने बैंकों के सहयोग से मंडल के सभी पेंशनरों को इस सुविधा से जोड़ने पर विशेष जोर दिया।