प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के कार्यक्रम में यूजीसी (UGC) के मुद्दे पर सवाल पूछना दो युवकों को भारी पड़ गया। प्रयागराज में आयोजित सम्मेलन के दौरान जब दोनों युवकों ने इस मुद्दे पर जवाब मांगा तो पुलिस उन्हें बाहर ले जाने लगी। इसी बीच वहां मौजूद भाजपा पार्षद विनय मिश्रा ने एक युवक को थप्पड़ मार दिया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद अब भाजपा के भीतर से ही इसका विरोध शुरू हो गया है।
प्रयागराज उत्तर सीट से भाजपा विधायक हर्षवर्धन बाजपेई ने घटना पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि यूजीसी का विरोध करना हर ब्राह्मण और सवर्ण का अधिकार है। विधायक ने उन लोगों पर भी निशाना साधा, जिन्होंने अपने ही समाज के युवकों के साथ मारपीट की।
विधायक ने 'विभीषण' कहकर साधा निशाना
हर्षवर्धन बाजपेई ने सोशल मीडिया पर लिखा, "UGC का विरोध करना हर ब्राह्मण/सवर्ण का हक है... जिन लोगों ने अपना नंबर बढ़ाने के लिए अपने समाज के लोगों पर ही कल हिंसा करी है, वो जान लें कि कोई अपने बच्चे का नाम विभीषण नहीं रखता।"
उनका यह बयान रविवार को प्रयागराज के परेड ग्राउंड में हुए प्रबुद्ध ब्राह्मण सम्मेलन के बाद आया है, जिसमें उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी शामिल हुए थे। यूजीसी के नए नियमों को लेकर सवाल उठाने वाले युवकों के साथ हुई घटना अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई है।
कार्यक्रम में क्या हुआ था
रविवार को सम्मेलन में केशव प्रसाद मौर्य माघ मेले की तैयारियों और सरकार के कार्यों का जिक्र करते हुए संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान मंच के पास मौजूद दो युवकों ने हाथ उठाकर यूजीसी के मुद्दे पर सवाल करना शुरू कर दिया। वे बार-बार कह रहे थे कि उपमुख्यमंत्री इस मुद्दे पर भी अपनी बात रखें। पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन वे सवाल पर अड़े रहे। इस पर मौर्य ने उन्हें चुप रहने और वहां से जाने को कहा। उन्होंने यह भी कहा कि वे हर मुद्दे पर बोलेंगे और किसी बात से पीछे नहीं हटते।
बातचीत के बीच पार्षद ने मारा थप्पड़
इसके बाद पुलिस दोनों युवकों को सभास्थल से बाहर ले जाने लगी। इसी दौरान अल्लापुर के पार्षद विनय मिश्रा ने एक युवक से पूछा कि उसने कार्यक्रम में सवाल क्यों किया। युवक ने जवाब दिया कि वह भाजपा में है और अपने नेता से सवाल नहीं करेगा तो कब करेगा। इसी बातचीत के बीच पार्षद ने उसे थप्पड़ मार दिया। मौके पर हंगामा बढ़ गया, हालांकि पुलिस ने स्थिति संभाल ली। दोनों युवकों को हिरासत में लेकर सभास्थल से बाहर कर दिया गया। घटना का वीडियो सोमवार को सामने आया, जिसके बाद विधायक हर्षवर्धन बाजपेई ने मारपीट का विरोध करते हुए यूजीसी पर सवाल उठाने वालों का समर्थन किया।