अयोध्या। भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या एक बार फिर भव्य दीपोत्सव के लिए सजने लगी है। 7 नवंबर को आयोजित होने वाले दीपोत्सव को ऐतिहासिक और यादगार बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। राम की पैड़ी से लेकर सरयू घाटों, प्रमुख सड़कों और चौराहों तक साफ-सफाई, सजावट और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को अयोध्या पहुंचे और दीपोत्सव की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने राम की पैड़ी, रामकथा पार्क और सरयू घाट स्थित आरती स्थल का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों से तैयारियों की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
सीएम योगी राम मंदिर परिसर स्थित यात्री सुविधा केंद्र भी पहुंचे। यहां उन्होंने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर दीपोत्सव से जुड़ी व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी तैयारियां निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी की जाएं। आयोजन में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाए।
56 घाटों पर 30 लाख से अधिक दीप जलाने का लक्ष्य
इस बार अयोध्या का दीपोत्सव कई मायनों में खास होने जा रहा है। राम की पैड़ी समेत करीब दो किलोमीटर के क्षेत्र में लाखों दीप जलाने की तैयारी है। कुल 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक दीप प्रज्ज्वलित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए करीब 55 हजार लीटर तेल और 65 लाख बातियों की व्यवस्था की जा रही है।
वहीं, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र परिसर में एक हजार स्वयंसेवक एक लाख दीप प्रज्ज्वलित करेंगे। इसके लिए मंदिर परिसर को पांच अलग-अलग जोन में बांटा गया है। इसके अलावा धर्मपथ पर दस प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित किया जा सके।
ड्रोन शो और विदेशी मेहमान बढ़ाएंगे आयोजन की भव्यता
दीपोत्सव को आकर्षक बनाने के लिए इस बार 2100 ड्रोन का विशेष शो भी आयोजित किया जाएगा। आयोजन में कई देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्र लिखकर प्रदेशवासियों से भी दीपोत्सव में शामिल होकर इस ऐतिहासिक आयोजन का साक्षी बनने की अपील की है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर भी व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। पूरे मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों और कमांड सेंटर के माध्यम से निगरानी रखी जाएगी। इसके साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाने और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं।
पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने की तैयारी
गौरतलब है कि अयोध्या का दीपोत्सव हर साल नए कीर्तिमान स्थापित करता रहा है। पिछले वर्ष सरयू तट पर 26 लाख से अधिक दीप प्रज्ज्वलित किए गए थे। इस बार 30 लाख से अधिक दीप जलाने के लक्ष्य के साथ एक नया रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है।
अब सभी की निगाहें 7 नवंबर की शाम पर टिकी हैं, जब लाखों दीपों की रोशनी से रामनगरी जगमगाएगी। आस्था, संस्कृति और परंपरा का यह अद्भुत संगम एक बार फिर अयोध्या को वैश्विक मंच पर विशेष पहचान दिलाने की तैयारी में है।